
सोलन: प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। प्रदेश को केन्द्र से 4 लाख लोगों के राशन का कोटा ही नहीं मिल रहा है। प्रदेश को 26.78 लाख लोगों के राशन का कोटा मिल रहा है जबकि इस योजना में 30.90 लाख लोगों का चयन किया गया है। इसके कारण प्रदेश में इस योजना से लाभान्वित होने वाले 30.90 लाख लोगों को निर्धारित मात्रा से कम राशन मिल रहा है। इस योजना में हर माह 3 किलो गेहूं व 2 किलो चावल प्रति व्यक्ति कोटा निर्धारित है।
प्रदेश के इन गरीब परिवारों को यह कोटा पूरा नहीं मिल रहा है क्योंकि 26.78 लोगों के मिले राशन के कोटे को 30.90 लाख लोगों में वितरित करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में हर माह 10,381 मीट्रिक गेहंू तथा 7246 मीट्रिक टन चावल की आवश्यकता है लेकिन केन्द्र से 9101 मीट्रिक टन गेहूं तथा 6395 मीट्रिक टन चावल की ही आपूर्ति हो रही है। इस तरह से हर माह 1280 मीट्रिक टन गेहंू तथा 851 मीट्रिक टन चावल की कम आपूर्ति हो रही है।
इस योजना से लाभान्वित होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 3 रुपए प्रति किलो की दर पर चावल व 2 रुपए प्रति किलो के हिसाब से गेहंू वितरित किया जाता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ही इसका वितरण किया जाता है। इस योजना के शुरू होने के बाद प्रदेश के 30.90 लाख गरीब लोगों को काफी राहत मिली थी लेकिन पिछले कुछ समय से कोटे में हो रही कटौती के कारण अब इन लोगों को निर्धारित मात्रा से कम राशन मिल रहा है।
सूत्रों की मानें तो यह योजना राजनीति की भेंट चढ़ती जा रही है। यूपीए सरकार के समय में शुरू हुई इस योजना में निर्धारित कोटे से कम मात्रा में राशन मिलना शुरू हो गया है। प्रदेश में यह 20 सितम्बर, 2013 को शुरू हुई थी। इस योजना से प्रदेश में करीब 35 लाख आबादी को कवर करने का लक्ष्य है लेकिन अभी तक 30.90 लाख लोगों का ही चयन हुआ है लेकिन इन्हेें भी पूरा र
